संत सुरक्षा व रीवा शहर में हुई दुर्घटना की निष्पक्ष जाँच की मांग को लेकर सकल जैन समाज ने देश के राष्ट्रपति सहित अन्य विभागों के नाम एसडीएम को दिया ज्ञापन हाथों पर काली पट्टी बाँध मौन जुलूस के माध्यम से आक्रोशित जैन समाज ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन में शामिल हुए सकल जैन समाज के साथ अन्य सामाजिक संगठन
थांदला। सकल विश्व को भगवान महावीर के मूलभूत सिद्धांत अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्राम्हश्चर्य व अपरिग्रह का संदेश देने वाला जैन समाज जिनके संत-सती पूर्णतः इन महाव्रतों को धारण कर निहत्थे ही पैदल विहार करते है। ऐसे त्याग व तपस्या की प्रतिमूर्ति जैन समाज ही नही सकल विश्व की धरोहर है जिनकी सुरक्षा करना समाज व शासन की नैतिक जिम्मेदारी है।विगत कुछ वर्षों में अनेक उपद्रवियों द्वारा ऐसे संत समाज पर हमलों से जैन समाज की आत्मा आहत हुई है लेकिन फिर भी जैन समाज ने धैर्य का परिचय देते हुए देश की कानून व्यवस्था पर भरोसा जताया है।
थांदला नगर में दिगम्बर जैन समाज अध्यक्ष अरुण (बाला) कोठारी, श्वेतांबर स्थानकवासी जैन समाज अध्यक्ष प्रदीप गादिया, मुर्तिपूजक संघ अध्यक्ष कमलेश जैन (दायजी), तेरापंथ महासभा अध्यक्ष अभय रुनवाल, पूज्य श्री धर्मदास गण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष भरत भंसाली के नेतृत्व में सकल जैन समाज के पदाधिकारियों व सदस्यों के संग व नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि सुनील पणदा, अटल सामाजिक संस्था के राजू धानक आदि ने हाथों पर काली पट्टी बांध कर नगर के हृदय स्थल आजाद चौक से एसडीएम कार्यालय तक मौन जुलूस निकालते हुए रीवा शहर में पूज्या श्री शुद्धमति माताजी व पूज्या श्री उपशममति माताजी के विहार के दौरान हुई दुःखद दुर्घटना द्वारा देवलोक गमन को साजिश मानते हुए उसकी निष्पक्ष जाँच करवाने के लिए विशेष जाँच दल गठित कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग, संत सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा नीति बनाते हुए उसे तत्काल लागू किये जाने, संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखने जैसी मांगों को लेकर देश के महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह के साथ मध्यप्रदेश शासन के मुख्यमंत्री मोहन यादव, राज्यपाल मंगू भाई पटेल के नाम थांदला अनुविभागीय अधिकारी भास्कर गाचले को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन का वाचन प्रदीप गादिया ने किया। इस अवसर पर संघ के वरिष्ठ अभय मेहता, कांतिलाल महता, पारस मेहता, शशिकांत बोबड़ा, हितेश शाहजी, प्रदीप जैन, जितेंद्र घोड़ावत, अनिल भंसाली, प्रांजल लोढ़ा, रजनीकांत शाहजी, पवन नाहर, शरद मेहता, रजनीकांत लोढ़ा, प्रांजल भंसाली, महावीर मेहता, अभिषेक मिंडा आदि अनेक जन उपस्थित थे।
